Share  

तन्हा-तन्हा

18 Sep

तन्हा-तन्हा इस दुनिया मे मन ये मेरा घुमे

हर दिन, हर पल, हर मौसम मे, तुझको ही ये ढूँढे

किसी फूल की तुम खुशबू मे, मिल जाओगे शायद

बस इसी आस मे मन ये मेरा तन्हा-तन्हा घुमे
(more…)

जन्मो के पार

12 Sep

ये चाँद तो बादलो के पार है

ये चाँदनी फिर भी क्यूँ बेकरार है

वो मोरा चाँद तो जन्मो के पार है

फिर भी किसी कोने से दिल मे, मेरे

तेरी आती पुकार है

(more…)