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एक बूँद, डगमगाती, पर रुकी हुई मेरी हथेली पर
जगमगाती, झिलमिलाती, व्याकुल सी फिसलने को
कभी तो एहसास दिलाती अपनी स्थिरता का
अगले ही पल बदलती है रुप अनिश्चितता का (more…)